खाकी का मानवीय चेहरा: बेटी के विवाह में ‘भाई’ बनकर पहुंची हनुमानगढ़ पुलिस, मायरा भरकर दिया अपनत्व का संदेश

Published On

हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)। Hanumangarh Police: आमतौर पर सख्ती और अनुशासन की प्रतीक मानी जाने वाली खाकी वर्दी का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय रूप उस समय देखने को मिला, जब हनुमानगढ़ पुलिस ने अपने ही कार्यालय में वर्षों से कार्यरत सफाई कर्मचारी की पुत्री के विवाह में ‘भाई’ का फर्ज निभाते हुए मायरा भरा। इस भावनात्मक पहल ने समारोह को यादगार बना दिया और पुलिस-जन संबंधों की एक नई मिसाल पेश की। मीनाक्षी (आरपीएस वृत्ताधिकारी, हनुमानगढ़) एवं रामचंद्र कस्वां (थानाधिकारी, हनुमानगढ़ जंक्शन) के नेतृत्व में वृत्त कार्यालय हनुमानगढ़ तथा पुलिस थाना हनुमानगढ़ जंक्शन के समस्त स्टाफ ने अपने सहकर्मी सफाई कर्मचारी श्री धीरज कुमार की पुत्री पूजा के विवाह समारोह में पहुंचकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मायरा भरने की रस्म अदा की।

पारंपरिक रीति-रिवाजों संग निभाया भाईचारा | Hanumangarh News

विवाह स्थल पर जब खाकी वर्दी पहने पुलिस अधिकारी और जवान पहुंचे, तो माहौल भावुक हो उठा। मायरे की रस्म के दौरान दुल्हन को चुनरी ओढ़ाई गई, नेग भेंट किया गया और गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सामग्री प्रदान की गई। इस दौरान उपस्थित जनों ने पुलिसकर्मियों की इस आत्मीय पहल की सराहना की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि धीरज कुमार लंबे समय से कार्यालय परिवार का हिस्सा हैं। ऐसे में उनकी बेटी का विवाह केवल उनका निजी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे पुलिस परिवार का उत्सव है।

कर्तव्य से बढ़कर संवेदनाओं का रिश्ता

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और समाज का संबंध केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। पुलिस बल समाज का अभिन्न अंग है और हर सुख-दुख में साथ निभाना उसकी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि खाकी वर्दी सख्ती के साथ-साथ संवेदनशीलता, सहयोग और मानवीय मूल्यों की भी प्रतीक है। जब पुलिस परिवार के रूप में आगे बढ़कर साथ खड़ी होती है, तो यह समाज में विश्वास, भाईचारे और समरसता की भावना को और मजबूत करती है। Hanumangarh News

समाज के लिए प्रेरक उदाहरण

हनुमानगढ़ पुलिस की इस सराहनीय पहल ने यह संदेश दिया है कि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी एक परिवार का हिस्सा होता है। आपसी सम्मान, सहयोग और अपनत्व की भावना ही किसी भी संस्था को मजबूत बनाती है। इस मानवीय कदम से न केवल धीरज कुमार के परिवार को संबल मिला, बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि भी और सुदृढ़ हुई है। खाकी का यह मानवीय चेहरा लंबे समय तक लोगों के दिलों में याद रखा जाएगा।

यह भी पढ़ें:– Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया, हवाई हमले किए

About The Author

Related Posts