दूल्हा बिना बारात, बिना आडम्बर से की जसोल में की शादी

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बाडमेर (एजेंसी)। राजस्थान में बाडमेर जिले के जसोल कस्बे में कोरोना वाइरस महामारी के चलते लॉकडाउन की पालना करते हुए जैन समाज की लड़की और लड़के के शादी करने का मामला सामने आया है। जसोल की लड़की ( दुल्हन ) और जोधपुर का लड़का (दूल्हा ) की गत 20 अप्रैल 2020 को शादी निश्चित हो रखी थी। उसके बाद उनकी शादी लेट होने की वजह से दोनों पक्षो के मात्र सात लोग इकठ्ठे होकर पंडित ने शादी की रस्म पूरी कराई। परिवार में विचार करके दुल्हा दुल्हन के परिवार ने सादगी पूर्ण तरीके से विवाह करने का निर्णय किया। वर्तमान के दिखावे और आडंबर युक्त वातावरण में अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम और जबरदस्त मिसाल है।

लोक डाउन की परिस्थिति में प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति एवं उनके द्वारा बनाए गए सारे नियमों की पालना करते हुए उन्होंने तय मुहूर्त पर विवाह किया और अपने समाज के लिए एक सादगी पूर्ण विवाह का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विवाह संपन्न होने के पश्चात तुरंत ही दोनों ही परिवारों ने कोरोना सहायतार्थ राशि भी समर्पित की इसके लिए भी बहुत-बहुत साधुवाद के पात्र हैं। संजोग की बात ये हैं कि दुल्हन प्रियंका के पिताजी इस संसार मे नही हैं राणमलजी बागरेचा के पुत्र दूल्हा हितेश है। दुल्हन के अंकल हुलाशचंद कंकु चौपड़ा और दूल्हा के दादा लख्मी चंद बागरेचा ने साहसिक कदम उठाकर ये निर्णय लिया।

 

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