Hanumangarh Flood: मुश्किल हालात में बेहतर प्रबंधन के लिए थपथपाई पीठ

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आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव ने बाढ़ के हालातों का किया रिव्यू

हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Hanumangarh Flood: घग्घर नदी में पानी की अधिक आवक से हनुमानगढ़ जिले में पैदा हुए बाढ़ के हालातों का रिव्यू करने के लिए शनिवार को आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव पीसी किशन हनुमानगढ़ पहुंचे। उन्होंने जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर बाढ़ के खतरे के बीच जिला प्रशासन की ओर से बेहतर तरीके से किए गए प्रबंधन की सराहना की। पत्रकारों से बात करते हुए पीसी किशन ने बताया कि इस बार हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में अधिक बारिश हो रही है। राजस्थान में भी पहले की अपेक्षा अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

पीछे अधिक बारिश के कारण हनुमानगढ़ जिले में करीब 15 दिन तक बाढ़ का खतरा रहा। लेकिन इस स्थिति को जिला प्रशासन ने बेहतर तरीके से नियंत्रित किया और पानी का जीडीसी व नाली बेड में बेहतर तरीके से प्रबंधन कर जिले में बाढ़ के खतरे को टाला। जीडीसी और नाली बेड में क्षमता से अधिक पानी चला। इससे पहले 1995 में इतनी अधिक मात्रा में पानी आने से बाढ़ की स्थिति पैदा हुई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने इस मुश्किल घड़ी में अच्छा कार्य किया। अब पानी घटने से खतरा टल गया है। इन 15 दिनों के दौरान विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की गई। मुख्य सचिव की ओर से भी वीसी के जरिए हालातों का जायजा लिया गया। Rajasthan Flood Update

घग्घर नदी के पानी से इलाके में हुए नुकसान की भरपाई करने के सवाल में जवाब में पीसी किशन ने बताया कि एसडीआरएफ के मापदंड केन्द्र सरकार तय करती है। कागज में कोई कमी रहने पर भुगतान नहीं हो पाता। इसके लिए तीन स्तर पर प्रक्रिया होती है। प्रथम जिला कलक्टर के स्तर पर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया होती है। जिला कलक्टर के स्तर पर कार्यवाही में कोई दिक्कत आने पर आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग को मामला रेफर किया जाता है। विभाग की ओर से मुख्य सचिव के साथ बैठक कर स्वीकृति दिलवाई जाती है। पीसी किशन ने बताया कि अभी सर्वे किया जाना शेष है। उसके बाद ही पता चल पाएगा कितना नुकसान जिले में हुआ है। Rajasthan Flood

प्रभावित किसानों को कृषि आदान-अनुदान के तहत 15 दिन व एक माह के बीच उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा। बैठक में जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग, पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी, एडीएम प्रतिभा देवठिया, जिला परिषद सीईओ अशोक असीजा, एएसपी जस्साराम बोस, जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा, एसई शिवचरण रेगर, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन अनिल अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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