Residence Certificate News: निवास प्रमाण पत्र को लेकर नई गाइडलाइन जारी, 10 साल से निवासी तो बनेगा मूल निवास प्रमाण पत्र
प्रमाण पत्र जारी करने के लिए डीसी, एसडीएम, सहायक कलक्टर व तहसीलदार अधिकृत
Residence Certificate News: श्रीगंगानगर (लखजीत सिंह)। पिछले 10 वर्ष से राजस्थान में निवास कर रहे व्यक्ति को मूल निवास प्रमाण पत्र मिल जाएगा। स्पष्ट निर्देशों के अभाव में अधरझूल में लटक रहे व्यक्तियों को नए नियमों से राहत मिल जाएगी। राजस्थान सरकार के गृह विभाग ने मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन के अनुसार जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी, सहायक कलक्टर एवं तहसीलदार को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। Rajasthan News
सरकार ने निर्देश दिए है कि आवेदन के साथ प्रस्तुत सभी दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाए। बिना संतोषजनक सत्यापन के किसी भी आवेदक को प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। मूल निवास प्रमाण पत्र का उपयोग शैक्षणिक प्रवेश, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों और भूमि आवंटन जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रमाण पत्र सामान्यतः एक बार ही जारी होगा, लेकिन गुम होने, क्षतिग्रस्त होने या नाम-पते में बदलाव की स्थिति में संशोधित या डुप्लीकेट प्रमाण पत्र जारी किया जा सकेगा।
10 साल का निवास बनेगा मुख्य आधार | Rajasthan News
गृह विभाग के आदेश के अनुसार वही व्यक्ति राजस्थान का मूल निवासी माना जाएगा, जिसके माता-पिता राज्य के मूल निवासी हों या आवेदक स्वयं अथवा उसके माता-पिता पिछले कम से कम 10 वर्षों से राजस्थान में निवास कर रहे हों। इसके प्रमाण के तौर पर जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का मूल निवास प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज मान्य होंगे। यदि कोई व्यक्ति 10 वर्षों से राजस्थान में रह रहा है तो उसे लगातार 10 साल के बिजली, पानी या टेलीफोन बिल भी प्रस्तुत करने होंगे, ताकि निवास की निरंतरता साबित हो सके।
महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को भी राहत
नई गाइडलाइन में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी महिला का विवाह राजस्थान के मूल निवासी पुरुष से हुआ है और वह पति के साथ राज्य में रह रही है, तो उसे भी राजस्थान का मूल मूल निवासी माना जाएगा। इसके लिए विवाह प्रमाण पत्र और पति के मूल निवास से जुड़े दस्तावेज जरूरी होंगे। इसके अलावा राज्य या केंद्र सरकार के अधीन राजस्थान में तीन वर्षों से पदस्थापित कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को भी मूल निवासी का दर्जा दिया जा सकेगा। Rajasthan News
About The Author