उत्तर भारतीय क्षेत्र का वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

Published On

One Nation One Subscription: उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर एवं सूचना तथा पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र,गांधीनगर के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशालय सभागार में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (एक राष्ट्र, एक सदस्यता) विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ की गई इस ऐतिहासिक पहल के महत्व, उपयोगिता, तकनीकी प्रक्रियाओं एवं संभावित लाभों से अवगत कराना था। Udaipur News

कार्यक्रम में राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज कुमार महला, एवं विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयो के अधिष्ठातागण डॉ. धृति सोलंकी, डॉ. लोकेश गुप्ता, डॉ. सुनील जोशी तथा अनुसंधान सहायक निदेशक डॉ. रवि कांत शर्मा सहित विभिन्न संकायों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. देवेंद्र जैन के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि डिजिटल युग में ज्ञान संसाधनों की त्वरित उपलब्धता शोध गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

उन्होंने बताया कि “वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन” योजना कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च गुणवत्ता वाली शोध सामग्री सरल एवं त्वरित पहुंच प्रदान करेगी। 50 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानो एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालयों से 70 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में भाग लिया । कार्यक्रम में उपस्थित पुस्तकालय अध्यक्ष, शिक्षकों, वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों ने इस पहल को समयानुकूल एवं क्रांतिकारी कदम बताया। Udaipur News

वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन” योजना भारत सरकार की दूरदर्शी सोच

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि “वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन” योजना भारत सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक विद्यार्थी, शोधार्थी एवं शिक्षक को उच्च गुणवत्ता वाले वैश्विक ज्ञान संसाधनों तक समान पहुंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि अब तक संसाधनों की उपलब्धता संस्थानों की आर्थिक क्षमता पर निर्भर करती थी, जिससे छोटे एवं दूरस्थ संस्थानों के शोधार्थी कई बार गुणवत्तापूर्ण शोध सामग्री से वंचित रह जाते थे।

वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन इस असमानता को समाप्त कर ज्ञान का लोकतंत्रीकरण सुनिश्चित करेगा। कुलगुरु महोदय ने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, खाद्य सुरक्षा तथा सतत कृषि प्रणालियों पर शोध के लिए अद्यतन वैज्ञानिक साहित्य तक पहुंच अनिवार्य है। यह पहल कृषि अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी और “जय अनुसंधान” के राष्ट्रीय संकल्प को सशक्त करेगी।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. एस. के. शर्मा, सहायक महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद , नई दिल्ली द्वारा उत्तर भारत से पधारे सभी प्रतिभागोयो का इस कार्यकम में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया इसी के साथ उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं सूचना तथा पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम देश में अनुसंधान एवं नवाचार की संस्कृति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन” योजना भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन माला राम मोदी ने किया Udaipur News

About The Author

Related Posts