दो अफीम तस्करों को 10-10 साल की कठोर सजा

Published On

अपर जिला सेशन न्यायाधीश राजगढ़ द्वितीय ने सुनाया फैसला

सादुलपुर, (ओमप्रकाश)। अपर जिला सेशन न्यायाधीश राजगढ़ द्वितीय ने 11 वर्ष पुराने एक अफीम तस्करी के मामले में शुक्रवार को दो आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी की मृत्यु होने के कारण कार्रवाई को ड्रॉप किया गया है। Sadulpur News

प्रकरण अनुसार 13 जून 2013 को तत्कालीन सिद्धमुख थानाधिकारी गूर भूपेंद्र सिंह पुलिस दल के साथ दयावठ रोड़ सिद्धमुख पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान दयावठ गांव की ओर से एक हरियाणा नंबर की इंडिका सफेद रंग की कार आती हुई दिखाई दी, जिसके चालक को पुलिस ने रूटीन जांच के लिए रुकने का संकेत दिया। लेकिन कार चालक पुलिस को देखकर भागने लगा। यह देखकर पुलिस ने तुरंत कार का पीछा किया तथा लगभग दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने कार को आॅवरटेक कर रोकने में सफलता प्राप्त की तथा कार सवार तीन व्यक्तियों को दबोच लिया।

एक आरोपी की मृत्यु होने के कारण कार्रवाई की ड्रॉप | Sadulpur News

आरोपियों की पहचान सुरेश कुमार पुत्र ताराचंद अग्रवाल (36) वर्ष तथा ताराचंद पुत्र भाना राम अग्रवाल (62) वर्ष निवासी राई घराना लहर जिला संगरूर पंजाब के रूप में हुई। तीसरे आरोपी के पहचान दर्शन सिंह पुत्र जगरूप सिंह गुर्जर सिख (69) निवासी बादलगढ़ मुणक जिला संगरूर पंजाब के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों आरोपियों की तलाशी के दौरान अफीम बरामद की।

पुलिस ने मौके पर ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला सेशन न्यायाधीश राजगढ़ क्रम संख्या-02 लतिका दीपक पराशर ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्य गवाहों सबूतों का गहन अवलोकन कर आरोपी सुरेश कुमार तथा दर्शन सिंह को दोषी माना तथा 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जबकि मामले में तीसरे आरोपी ताराचंद की मृत्यु हो जाने के कारण कार्रवाई को ड्रॉप किया गया है। Sadulpur News

Teachers Protest: शिक्षकों ने फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला, दी आदोलन की चेतावनी

About The Author

Related Posts