शिक्षा और रोजगार
मास्टर शकील की पुस्तक ‘शाख-ए-गुल’ का विमोचन, सजी साहित्यिक महफिल
मास्टर शकील की पुस्तक ‘शाख-ए-गुल’ का विमोचन, सजी साहित्यिक महफिल
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: कैराना के प्रसिद्ध शायर मास्टर शकील अहमद शकील कैरानवी की पुस्तक ‘शाख-ए-गुल’ का विमोचन एवं साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन दिलशाद खान के आवास पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता हाजी अकबर अंसारी ने की। पूर्व चेयरमैन राशिद अली तथा प्रसिद्ध शायर एवं साहित्यकार एडवोकेट शाह रजा कैरानवी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इनाम अंसारी विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनस आतिफ ने किया, जबकि आयोजन की व्यवस्था संयोजक दिलशाद खान और इरशाद खान ने संभाली।
एडवोकेट शाह रजा कैरानवी ने मास्टर शकील अहमद शकील कैरानवी की साहित्यिक सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1948 में कैराना की सरजमीं पर जन्मे मास्टर शकील का संबंध कस्बे के एक प्रतिष्ठित अंसारी परिवार से है। उन्होंने अलीगढ़ से ‘अदीब-ए-कामिल’ की शिक्षा प्राप्त की। परिवार में कपड़े सिलने के हुनर के कारण ‘मास्टर’ कहे जाने की परंपरा थी, जो आगे चलकर उनकी पहचान बन गई। उन्होंने कहा कि मास्टर शकील कैरानवी ने शिक्षा और हिकमत के माध्यम से भी लोगों की सेवा की। उनके वालिद मरहूम अल्हाज मास्टर शमसाद अली की तरबियत ने उनकी शायरी और व्यक्तित्व को निखारने में अहम भूमिका निभाई। 'शाख-ए-गुल’ पर विचार रखते हुए शाह रजा कैरानवी ने कहा कि मास्टर शकील कैरानवी का कलाम बेहद सरल, सहज, नैतिक और मोहब्बत का पैगाम देने वाला है।
‘शाख-ए-गुल’ कैराना की साहित्यिक विरासत में एक खूबसूरत तोहफा है। उनकी शायरी सीधे दिल को छूती है। पुस्तक विमोचन के बाद आयोजित साहित्यिक गोष्ठी में मास्टर शकील अहमद शकील कैरानवी, हाजी अकबर अंसारी, डॉ. अनस आतिफ, दिलशाद खान, फरकान खान आदम और मजमिल कैरानवी सहित अन्य शायरों ने अपना कलाम पेश किया।