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    गुलीडण्डा मारने के लिए दी दवाई के छिडक़ाव से खराब हुई गेहूं की फसल

    Hanumangarh News
    सांकेतिक फोटो

    पेस्टीसाइड फर्म मालिक व एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज

    हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। गुलीडण्डा मारने के लिए दी गई दवाई के छिडक़ाव से किसान के खेत में 19.5 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई। जिस पेस्टीसाइड फर्म से दवाई खरीदी गई उस फर्म के मालिक वगैरा ने पीडि़त किसान को मुआवजा देने से मना कर दिया। इस संबंध में पीडि़त किसान की ओर से श्रीगंगानगर जिले के बींझबायला की एक पेस्टीसाइड फर्म के मालिक व एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। Hanumangarh News

    जानकारी के अनुसार विनोद पूनिया (55) पुत्र राजेन्द्र सिंह जाट निवासी चक 4 जेडीडब्ल्यू, जण्डावाली ने रिपोर्ट के जरिए मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया कि चक नम्बर 4 जेडीडब्ल्यू में उसकी कृषि भूमि है। कृषि भूमि में गेहूं की फसल काश्त की हुई है। सहारण ट्रेडिंग कम्पनी मण्डी बींझबायला से एजेंट राधेश्याम वगैरा उसकी ढाणी में आए और बताया कि उनके पास गुलीडण्डा मारने की एक खास दवाई हैं। इससे गेहूं की फसल पर कोई बीमारी नहीं लगती। न ही फसल में किसी प्राकर का गुलीडण्डा आदि नहीं उगता। इससे गेहूं की अधिक पैदावार होगी।

    छिडक़ाव के 6 दिन बाद 9.5 बीघा में खड़ी गेहूं की खराब होने लगी

    उसने उन पर विश्वास करते हुए 70 बीघा की दवाई ले ली। उसने खेत में 19.5 बीघा में उक्त दवाई का छिडक़ाव किया। दवाई छिडक़ाव के 6 दिन बाद 19.5 बीघा में खड़ी गेहूं की खराब होने लगी। तब उसने सहारण ट्रेडिंग कम्पनी मण्डी बींझबायला के एजेंट राधेश्याम वगैरा को सूचित किया। सूचना मिलने पर एजेंट राधेश्याम वगैरा उसकी ढाणी में आए। अन्य दवाई देने की बात कह शेष दवाई अपने साथ ले गए। साथ ही कहा कि वे नई दवा लाकर अपनी देखरेख में छिडक़ाव करवाएंगे। परन्तु वे वापस नहीं आए। Hanumangarh News

    इसके उपरान्त उसने कार्यालय कीटनाशी अनुज्ञापत्र अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जिला परिषद श्रीगंगानगर में उक्त दुकानदार के खिलाफ रिपोर्ट की। विभाग ने उसके खेत का मौका-मुआयना कर दुकानदार को दोषी मानते हुए कीटनाशी विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया। उसकी ओर से सहारण ट्रेडिंग कम्पनी के मालिक भरत कुमार से भी फोन पर सम्पर्क किया गया तो भरत कुमार उसकी गेहूं की फसल के बारे में आकर देखने का कहते रहे। उचित मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया। परन्तु बाद में भरत कुमार व राधेश्याम आदि ने साफ इन्कार कर दिया। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान एएसआई मुसे खान के सुपुर्द किया है। Hanumangarh News

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