डेरा श्रद्धालु ने नोटों से भरा बटुआ लौटाकर पेश की ईमानदारी की मिसाल

Published On

हाँसी (मुकेश कुमार)। आज के इस स्वार्थी युग में जहां चन्द रुपयों के लिए इंसान ही इंसान का बैरी हो जाता है। ऐसे युग में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनका ईमान नोटों से भरा हुआ बटुआ देख कर भी नहीं डोलता। हम बात कर रहे हैं हाँसी की रहने वाली बहन मंजू मुंजाल इन्सां की। शनिवार रात मुलतान किताब घर वाली गली में रामपुरा स्कूल के पास रहने वाली मंजू मुंजाल इन्सां पत्नी मदनलाल मुंजाल को एक बटुआ मिला। जब घर आ कर देखा तो उसमें लगभग पचास हजार रुपए व कुछ डालर थे। इससे पति-पत्नी को गहरी चिंता हुई कि आखिर जिसका ये बटुआ गिरा है, उसके दिल पर क्या गुजर रही होगी। और यही सोच कर बटुए में मिले आधार कार्ड के पते पर मदन लाल रात को पहुंचा।

बटुए (पर्स) के मालिक को तलाश कर बटुआ उन्हें सौंपा। पर्स के वारिस को यकीन नहीं हुआ कि ऐसे लोग भी इस धरती पर मौजूद हैं। मंजू इन्सां की ईमानदारी देखकर उसने बटुआ लेने से इंकार कर दिया कि ये मैं ऐसे नहीं लूंगा बल्कि कल हाँसी के विधायक विनोद भ्याना के हाथों लूंगा। अगले दिन विधायक के आवास पर मंजू इन्सां व उनके पति मदन लाल इन्सां को उनकी ईमानदारी के लिए सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है मदन लाल इन्सां पहले भारत टाकीज हाँसी में मैनेजर रह चुके हैं व अब पंचायती रामलीला मैदान के दफ्तर में कार्यरत हैं। मंजू इन्सां ने बताया कि इस नेक काम की प्रेरणा हमें पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां से मिली है। उनके इस कार्य की आसपास के इलाकों में भी भरपूर सराहना हुई।

 

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts