शिक्षा और रोजगार
गुरबाज सिंह की पुस्तक ‘हुण उह गल्लां कित्थे’ का विमोचन
पंजाबी लेखक गुरबाज सिंह की पहली पुस्तक ‘हुण उह गल्लां कित्थे’ का विमोचन
पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। Hun Oh Gallan Kithe: पंजाबी साहित्य सभा पटियाला की ओर से पंजाबी लेखक गुरबाज सिंह की पहली पुस्तक ‘हुण उह गल्लां कित्थे’ का विमोचन भाषा विभाग, पंजाब, शेरांवाला गेट, पटियाला के लेक्चर हॉल में किया गया। समारोह के आरंभ में सभा के अध्यक्ष डॉ. दर्शन सिंह आशट ने कहा कि वर्ष 1957 में अस्तित्व में आई पंजाबी साहित्य सभा पटियाला लगभग एक सदी की अपनी मूल्यवान विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाते हुए मातृभाषा के खजाने को अनमोल साहित्यिक रत्नों से समृद्ध कर रही है।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में चंडीगढ़ से विशेष रूप से पहुंचे पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के पंजाबी अध्ययन स्कूल के प्रोफेसर एवं पंजाब आर्ट्स काउंसिल चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष डॉ. योग राज ने गुरबाज सिंह की पुस्तक के संदर्भ में वर्तमान पंजाबी कविता और साहित्य के उद्देश्य एवं तकनीकी पक्षों पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लेखक का समाज के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए।
