‘सेवा हमारा कर्म है सेवा हमारा धर्म है’ नारे पर खरी उतर रही चंडीगढ़ की संगत

Published On

जरूरतमंदों के लिए ढाल बनकर खड़ी हो रही है साध संगत

चंडीगढ़ (एमके शायना)। डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा की पावन प्रेरणायों का अनुसरण करते हुए लगातार इंसानियत का फर्ज अदा कर रहे हैं। चाहे जरूरतमंदों के लिए ब्लड डोनेट करना हो, गरीब की बेटी की शादी करनी हो, आर्थिक तौर पर लाचार व्यक्ति का घर बनाना हो या फिर बीमार का इलाज करवाना हो इतियादी 142 मानवता भलाई के कार्य डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु जोरों शोरों से कर रहे हैं। इसी कड़ी में ब्लॉक चंडीगढ़ के सुखलीन इन्सां ने ग्रेसियन अस्पताल सेक्टर 69 मोहाली में भर्ती मरीज गुरसिमरन सिंह जो कि करनाल से हैं, उनके लिए बी पॉजिटिव प्लेटलेट्स डोनेट कर उनकी जान बचाई। सुखलीन इन्सां ने बताया कि मरीज के परिवार को कहीं से भी प्लेटलेट्स नहीं मिल रहे थे, जैसे ही मुझे मरीज की हालत का पता चला मैंने तुरंत अस्पताल पहुंचकर प्लेटलेट्स डोनेट किए। उन्होंने बताया यह सब पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा का ही असर है कि उन्होंने नौजवानों के अंदर दूसरों की मदद करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है।

साध संगत की तरफ से उन्हें 1 महीने का राशन वितरित किया गया

चंडीगढ़ ब्लाक भंगीदास मलराज इन्सां ने बताया कि जैसे ही हमें पता चला कि हमारे पड़ोस में एक ऐसा परिवार है जिसे राशन की सख्त जरूरत है तो साध संगत की तरफ से उन्हें 1 महीने का राशन वितरित किया गया। राशन लेकर जरूरतमंद परिवारजनों ने पूज्य गुरु जी व साध-संगत का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया। इसी तरह ब्लॉक चंडीगढ़ की साध-संगत द्वारा एक अति जरूरतमंद विकलांग बहन को ‘साथी मुहिम’ के तहत वैशाखी दिला कर उसकी मदद की गई। जिम्मेदारों ने बताया कि बहन की बैसाखी अस्पताल में कहीं चोरी हो गई थी और बहन परेशान हो रही थी। इस बारे में जब अस्पताल में किसी जरूरतमंद के लिए ब्लड अरेंज करने गए ब्लड समिति के जिम्मेवार राजेश इन्सां को पता चला तो उन्होंने बहन को साध संगत के सहयोग से वैशाखी दिला कर उनकी मदद की।

इस पर बहन ने भावुक होते हुए बताया कि हाल ही में मेरा ऑपरेशन हुआ है और मेरे पास पैसे नहीं थे इसी बीच मेरी वैशाखी खो गई और वैशाखी के बिना मेरा चलना बड़ा मुश्किल है, पर पूज्य गुरु जी और डेरा सच्चा सौदा की साध संगत के सहयोग से मुझे नई वैशाखी मिल गई है और पूज्य गुरु जी और उनके शिष्य का शुक्रिया करने के लिए मेरे पास लफ्ज नहीं है जो हर वक्त दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस मुश्किल की घड़ी में डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई मेरे लिए फरिश्ते बन कर आए हैं। आपको बता दें कि डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई किसी को भी दुखी देख उसका दुख दूर करने का हर यथासंभव प्रयास करते हैं। इसीलिए डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों को इंसानियत के सच्चे रक्षक कहा जाता है।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts