गुरुग्राम: हरियाणा में पीएचडी, एलएलबी, एमबीए, एमसीए, एमटेक, बीटेक पास संभालेंगे सुरक्षा की कमान

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शनिवार को दीक्षांत समारोह के साथ ही हरियाणा पुलिस बल में शामिल हुए 783 सिपाही | Gurugram News

  • 783 सिपाहियों में से 718 ग्रामीण क्षेत्रों और 65 शहरी क्षेत्रों से चयनित

गुरुग्राम (सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा)। Gurugram News: अब वह दौर बीत चुका है जब दसवीं पास करके युवा हरियाणा पुलिस में शामिल होने की सपने देखने लगते थे। उसी की तैयारी में पसीना बहाने लगते थे। अब पीएचडी, एलएलबी, एमबीए, एमसीए, एमटेक और बीटेक पास हरियाणा पुलिस बल में शामिल होकर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। उच्च शिक्षा प्राप्त इन युवाओं के कंधों पर अब प्रदेश की सुरक्षा की कमान आ गई है। शनिवार को गुरुग्राम के भोंडसी स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद दीक्षांत समारोह के साथ ही 783 सिपाही हरियाणा पुलिस बल में शामिल हो गए। बैच में शामिल 783 सिपाहियों में से 718 ग्रामीण क्षेत्रों और 65 शहरी क्षेत्रों से चयनित हैं। अनेक सिपाही उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। इस बैच में एक पीएचडी, दो एलएलबी, आठ एमबीए, तीन एमटेक, 34 बीटेक, छह एमसीए, आठ बीसीए, 31 बीएड सहित 201 प्रशिक्षु स्नातकोत्तर स्तर के हैं। Gurugram News

सिपाहियों की शिक्षा का यह स्तर इस बात को दर्शाता है कि हरियाणा पुलिस में अब शिक्षित और जागरुक युवा सेवा दे रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान इन जवानों को तीनों नए कानूनों के अतिरिक्त स्थानीय व विशेष कानूनों, स्वचालित हथियारों, टेलिकम्युनिकेशन, फायर फाइटिंग, आपदा प्रबंधन, फस्र्ट एड, योग, लैंगिक संवेदनशीलता एवं मानवाधिकार जैसे विषयों पर व्यवहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद दीक्षांत समारोह में 783 प्रशिक्षु सिपाही (264 महिला व 519 पुरुष) ने विधिवत रूप से प्रशिक्षण पूर्ण कर हरियाणा पुलिस बल में अपनी सेवा का शनिवार से शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं ने अनुशासन, पराक्रम और समर्पण का परिचय देते हुए देश सेवा की शपथ ली।

पुलिस बल एक पेशा नहीं, समाज के प्रति उत्तरदायित्व है: गोविन्द

मुख्य अतिथि केन्द्र सरकार के गृह सचिव गोविन्द मोहन गोविन्द मोहन ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और नवप्रशिक्षित जवानों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस गौरवपूर्ण परेड की कमान महिला प्रशिक्षु सिपाही रेणु ने संभाली, जो महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं। गोविन्द मोहन ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों को अनुशासित, मानसिक रूप से सशक्त और तकनीकी रूप से दक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में शामिल होना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व और सेवा भाव की भावना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू तीनों नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रशिक्षुओं ने गहनता से समझा है। Gurugram News

इन्हें भविष्य में प्रभावी रूप से लागू करेंगे। उन्होंने हरियाणा पुलिस बल में शामिल हुए सभी 783 सिपाहियों को निष्ठा से ड्यूटी करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एडीजीपी अमिताभ सिंह ढिल्लो, संजय कुमार तथा सौरभ सिंह उपस्थित रहे। इनके साथ गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा, झज्जर की पुलिस आयुक्त राजश्री सिंह, एसटीएफ के आईजीपी सिमरदीप सिंह, आरटीसी भोंडसी की आईजीपी नाजनीन भसीन, सीआरपीएफ के आईजी सुरेश शर्मा, फरीदाबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश दुग्गल, गृह मंत्रालय के डीआईजी (सीएसओ) अनिल कुमार चतुर्वेदी तथा आरटीसी भोंडसी के पुलिस अधीक्षक विरेन्द्र विज भी समारोह में उपस्थित रहे। Gurugram News

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