61 दिन बाद गांव चैनत पेयजल विवाद सुलझा, टी-कनेक्शन पर बनी सहमति
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में सरकार और संघर्ष समिति के बीच समझौता
हांसी (सच कहूँ/मुकेश)। Hansi News: गांव चैनत में पेयजल संकट और मुख्य पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर पिछले 61 दिनों से चल रहा आंदोलन अब समाप्ति की ओर बढ़ गया है। केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री तथा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पहल पर गांव को मुख्य पेयजल पाइपलाइन से 4 इंच का नया टी-कनेक्शन देने की स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद धरना समिति ने जल्द ही आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की है।
हांसी स्थित पीडब्ल्यूडी विश्रामगृह में आयोजित बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि चैनत गांव की मांग और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं का विभागीय स्तर पर परीक्षण कराया गया। जांच में पाया गया कि मुख्य पाइपलाइन में पर्याप्त क्षमता उपलब्ध है और गांव को अतिरिक्त जलापूर्ति देने से अन्य गांवों की पेयजल व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। इसी आधार पर मुख्य लाइन से 4 इंच का टी-कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि गांव की वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। नया टी-कनेक्शन केवल अतिरिक्त एवं वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कार्य करेगा।
भविष्य में यदि गांव में पानी की मांग बढ़ती है अथवा मौजूदा व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा आती है तो इस कनेक्शन के माध्यम से तत्काल अतिरिक्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। मनोहर लाल ने संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को शीघ्र दूर कर प्राथमिकता के आधार पर टी-कनेक्शन का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने बताया आंदोलन की जीत
धरना समिति के सदस्य अनूप और पूर्व सरपंच सत्यवान ने कहा कि केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। उन्होंने इसे गांव की जीत बताते हुए कहा कि जल्द ही ग्रामीणों की बैठक बुलाकर 61 दिनों से जारी धरने को विधिवत समाप्त करने का निर्णय लिया जाएगा।
दो महीने चला संघर्ष
ग्रामीण पिछले करीब दो महीनों से अपनी मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे थे। आंदोलन के दौरान क्रमिक भूख हड़ताल की गई, महापंचायतों का आयोजन हुआ और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों का समर्थन भी मिला। कई दौर की वातार्ओं के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया था, लेकिन बुधवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की मध्यस्थता में हुई बैठक के बाद सहमति बनने से लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्ति की ओर पहुंच गया।