बाल विवाह की रोकथाम हेतु बुलाई बैठक

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बाल विवाह रोकने में आमजन दे पूरा सहयोग

बाल-विवाह मामले में 2 साल की सजा व 1 लाख रुपए जुर्माना

अनूपगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। बाल विवाह को रोकने के लिए शहर के उपखंड कार्यालय में अधिकारियों तथा विवाह में सेवा देने वाले संबंधित लोगों की एक बैठक का आयोजन उपखंड अधिकारी मनमोहन मीणा की अध्यक्षता में हुआ। गौरतलब है कि अक्षय तृतीया पर बाल विवाह होने की भरपूर सम्भावना होती है। उरमूल के तत्वाधान में आयोजित बैठक में पंडित, हलवाई, प्रिटिंग प्रेस, फोटो ग्राफर तथा टैंट संचालकों ने भाग लिया। बैठक में उपखंड अधिकारी के अलावा तहसीलदार, सीडीपीओ, पुलिस प्रशासन तथा उरमूल के कोर्डिनेटर भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर उपखंड अधिकारी मीणा ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों को बताते हुए बाल विवाह को रोकने के लिए सभी लोगों से सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विवाह के लिए बुकिंग करने के लिए आए अभिभावकों से वर-वधू के जन्म प्रमाण पत्र या दसवीं की अंक तालिका की मांग करें, यदि विवाह बाल विवाह के अंतर्गत आता है तो प्रशासन को उसकी सूचना दें। उपखंड अधिकारी ने कहा कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। बाल विवाह के लिए बने कानून व सजा के प्रावधान की जानकारी देते हुए मीणा ने कहा कि इसमें 2 साल की सजा व 1 लाख रुपए जुर्माना है। इसके बाद भी लड़की द्वारा पोस्को एक्ट में मामला दर्ज करवाने पर अधिक सजा होगी।

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