HDFC बैंक के खिलाफ सीपीआई(एम) का धरना समाप्त, एक माह में जांच का आश्वासन; 62 लाख की कथित धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई की मांग
किसान के खाते से 62 लाख ट्रांसफर होने का आरोप
टिब्बी (सच कहूँ न्यूज़)। Tibbi News: टिब्बी कस्बे में एचडीएफसी बैंक के सामने एक किसान के साथ करीब 62 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के विरोध में गुरुवार को सीपीआई(एम) के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान किसानों और बैंक अधिकारियों के बीच हुई समझौता वार्ता के बाद बैंक प्रबंधन ने मामले की एक माह के भीतर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि किसान की सहमति के बिना उसके खाते से अलग-अलग खातों में करीब 62 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। किसानों ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा किसान की पूरी राशि वापस दिलाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए बैंक का शटर भी बंद रहा और कर्मचारियों को बैंक परिसर के अंदर ही रोका गया।
धरने का संचालन कामरेड जगजीत सिंह जग्गी ने किया। सभा को कामरेड रामेश्वर वर्मा, शेर सिंह शाक्य, कुलदीप चहल, सिंहपुरा सरपंच रमनदीप कौर, कामरेड मंगेज चौधरी, गुरमेल सिंह औलख सुशील खान, आत्मा सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हिम्मत सिंह मेहरवाला, कामरेड हाकम खां मसानी, जसविंदर सिंह, हर्षवर्धन कमरानी, देव सिंह तथा अनमोल बराड़ सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
धरने को अखिल भारतीय किसान सभा, भारत की जनवादी नौजवान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन, ग्रामीण किसान मजदूर समिति तथा सीटू Cका भी समर्थन मिला।
बैंक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में किसान प्रतिनिधिमंडल की ओर से गैरी, सुखमहेंद्र सिंह, कामरेड मंगेज चौधरी, कामरेड जगजीत सिंह जग्गी, एडवोकेट राजवीर, सरपंच रमनदीप कौर, रूप सिंह तथा डबली खुर्द के सरपंच प्रतिनिधि भूप सिंह शामिल रहे। वार्ता में किसानों ने किसान के करीब 62 लाख रुपये वापस दिलाने तथा कथित धोखाधड़ी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग रखी। बैंक प्रबंधन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर एक माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम सत्यनारायण सुथार, नायब तहसीलदार सूर्यदेव स्वामी, डीएसपी रमेशचंद्र माचरा तथा तलवाड़ा झील थानाधिकारी जगदीश गोदारा सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
समझौता वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। किसान नेताओं ने कहा कि यदि तय समय सीमा में किसान की राशि लौटाने और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन दोबारा शुरू कर और अधिक व्यापक स्तर पर किया जाएगा।