मेहरबान अली कैरानवी का 36 साल का पत्रकारिता सफर: संघर्ष, सच्चाई और भरोसे की मिसाल
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: वर्ष 1990 से शुरू हुआ वरिष्ठ पत्रकार मेहरबान अली कैरानवी का सफर आज 2026 में भी पूरे जोश और प्रतिबद्धता के साथ जारी है। साढ़े तीन दशक से अधिक लंबे इस सफर में उन्होंने हर परिस्थिति में सच्चाई और ईमानदारी को अपना मूलमंत्र बनाए रखा। मेहरबान अली कैरानवी ने अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत वर्ष 1990 में रॉयल बुलेटिन से की और 1990 से 1999 तक उससे जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने दैनिक राष्ट्रीय सहारा (हिंदी) और दैनिक मुजफ्फरनगर बुलेटिन सहित एक दर्जन से अधिक समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में अपनी सेवाएं दीं और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
वर्ष 1998 में उन्होंने अपने समाचार पत्र के शीर्षक 'कलम करेगी धमाका' की स्वीकृति मिलने के बाद साप्ताहिक हिंदी समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया, जो आज भी लगातार प्रकाशित हो रहा है और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठा रहा है। पत्रकारिता उन्हें विरासत में मिली है। उनके पिता स्व. शरीफ अहमद मंसूरी उर्दू पत्रकारिता के जाने-माने नाम रहे, जिन्होंने 'दैनिक कौमी आवाज़' और 'दैनिक प्रताप' जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दीं और अपनी लेखनी से विशेष पहचान बनाई। मेहरबान अली कैरानवी ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा तो न अनुभव था और न ही कोई मार्गदर्शन, लेकिन सच लिखने और दिखाने का जज्बा उनके भीतर था।
यही जज्बा समय के साथ उनकी पहचान बन गया। उन्होंने बताया कि 36 वर्षों के इस लंबे सफर में उन्हें कई बार आलोचनाओं और आरोपों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कठिन परिस्थितियों में भी वह डटे रहे और अपने उद्देश्य से कभी पीछे नहीं हटे। उनका कहना है कि पत्रकारिता उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और मिशन है। वह मानते हैं कि सच्चाई को सामने लाना और जनता की आवाज बनना ही एक सच्चे पत्रकार का कर्तव्य है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय जनता के प्यार और विश्वास को देते हुए कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें लोगों का सहयोग सबसे अहम रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका यह सफर अभी थमा नहीं है और वे आगे भी सच्चाई के लिए अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
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