दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आज से, टकराव तय

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नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली सरकार द्वारा बुधवार से बुलाए जा रहे तीन दिवसीय विशेष सत्र में पहले ही दिन दिल्ली को पूर्ण राज्य देने का प्रस्ताव सदन में आएगा। इस पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चर्चा कराएगी कि दिल्ली को पूर्ण राज्य न दिए जाने से दिल्ली के विकास को लेकर क्या दिक्कतें आ रही हैं। कब-कब दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने का मामला उठा है। इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।

 दिल्ली सरकार ने इस विशेष सत्र को प्रमुख रूप से दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए चर्चा कराने के उद्देश्य से बुलाया है। आम आदमी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में भी यह मुद्दा शामिल था। मगर तीन साल बीत जाने के बाद भी सरकार अभी तक इस मामले में हाथ पैर ही मार रही है। क्योंकि यह मामला मुख्य रूप से केंद्र सरकार के अधीन है। इस तीन दिवसीय सत्र में आम आदमी पार्टी और भाजपा के विधायक दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने।

अपना-अपना मत रखेंगे। बता दें कि दिल्ली की सत्ता में आने पर केजरीवाल ने पूर्ण राज्य के लिए गंभीरता से कार्य करने पर बल दिया था।उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों को पत्र लिखेंगे। जरूरत पड़ी तो उनसे मिलने भी जाएंगे। मगर केजरीवाल का उस समय यह प्रयास किन्ही कारणों से आगे नहीं बढ़ सका। अब दिल्ली सरकार इस मुद्दे को लेकर फिर से सामने आई है।

विशेष सत्र से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी पर ली चुटकी

दिल्ली विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र से ठीक पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को लेकर चुटकी ली। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें पता चला है कि प्रधानमंत्री वर्तमान उपराज्यपाल अनिल बैजल से बहुत नाराज हैं। केजरीवाल के अनुसार बैजल केंद्र सरकार की उम्मीद के तहत दिल्ली सरकार के कार्यो में बाधाएं उत्पन्न नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि उपराज्यपाल की बाधाओं के बाद भी दिल्ली सरकार अभूतपूर्व कार्य कर रही है। यही वह कारण था जिसके कारण इनसे पहले के उपराज्यपाल नजीब जंग को हटा दिया गया था।

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