शिक्षा और रोजगार
जालसाजी गैंग का पर्दाफाश, पुलिस का जवान समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
आपत्तिजनक वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
भिवानी (सच कहूँ न्यूज़)। Bhiwani News: भिवानी जिले में पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए एक बुजुर्ग से पांच लाख रुपये की रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए हरियाणा पुलिस के एक जवान और उसकी दो महिला सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वसूली गई राशि में से 4 लाख 58 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं। मामले का खुलासा करते हुए भिवानी के पुलिस उपाधीक्षक (अपराध) अनुप कुमार ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को दबोच लिया।
डीएसपी अनुप कुमार ने बताया कि पीड़ित बुजुर्ग पुराना बस स्टैंड के समीप अपना कार्यालय संचालित करते हैं। उनकी शिकायत के अनुसार 9 जुलाई को एक युवती नौकरी की मांग लेकर कार्यालय पहुंची। जब उसे नौकरी देने से मना किया गया तो उसने शौचालय उपयोग करने की अनुमति मांगी। इसी दौरान पहले से रची गई साजिश के तहत एक युवक कार्यालय में घुस आया और मोबाइल से वीडियो बनाने लगा। कुछ ही क्षण बाद युवती शौचालय से निर्वस्त्र अवस्था में बाहर आई, जिसके बाद युवक ने बुजुर्ग के साथ उसकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद वीडियो को सार्वजनिक और वायरल करने की धमकी देकर आरोपियों ने पांच लाख रुपये की मांग की। बदनामी के डर से घबराए पीड़ित ने मौके पर ही अपने पास मौजूद 4 लाख 47 हजार रुपये आरोपियों को सौंप दिए।
डीएसपी ने बताया कि घटना के चार-पांच दिन बाद आरोपियों ने दोबारा पीड़ित को फोन कर दो लाख रुपये और देने की मांग की। लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर बुजुर्ग ने साहस दिखाते हुए सिविल लाइन थाना भिवानी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एएसआई सुभाष के नेतृत्व में गठित सीआईए स्टाफ-2 की टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरुग्राम में तैनात हरियाणा पुलिस के जवान नरेंद्र निवासी गांव देवसर (भिवानी), उत्तम नगर निवासी ममता तथा नया बाजार निवासी पुष्पी देवी के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नरेंद्र और ममता ने मिलकर पूरी ब्लैकमेलिंग की योजना तैयार की थी। इसी योजना के तहत पुष्पी देवी को नौकरी मांगने के बहाने बुजुर्ग के कार्यालय भेजा गया था, ताकि उन्हें हनीट्रैप में फंसाकर मोटी रकम वसूली जा सके।